तुर्की में भूकंप ने तबाही मचाई है और भारत ने मदद का हाथ पहले दिन से ही बढ़ा दिया. यहां पर भारत ऑपरेशन दोस्त चला रहा है. इसकी देखरेख तुर्की में भारत के राजदूत डॉ वीरेंद्र कौल कर रहे हैं. डॉ कौल से NDTV ने बात की. उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत तुर्की की हरसंभव मदद कर रहा है. भारतीय टीमों की ओर से यहां राहत-बचाव कार्य जारी है.
डॉ कौल ने कहा कि तुर्की में भूकंप आने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) जी ने संवेदना और दुख प्रकट किया था. इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की थी कि भारत हरसंभव मदद करेगा. इसके तहत अब तक मदद के लिए पांच सी-17 एयरक्राफ्ट तुर्की आ चुके हैं. एनडीआरएफ की सर्च और रेस्क्यू टीम आई हैं. इसके अलावा इंडियन आर्मी की भी टीमें आई हैं.
इंडियन आर्मी राहत और बचाव के काम सक्रियता से कर रही है. आर्मी का हास्पिटल भी काम कर रहा है. यहां जो भी मदद की जा रही है उसकी काफी सराहना हो रही है. भारत ने इस क्राइसिस के मौके पर जो रिस्पॉन्स दिया है उसकी तारीफ हुई है.
उन्होंने बताया कि एनडीआरएफ की सर्च एंड रेस्क्यू टीम में 101 मेंबर हैं. इंडियन आर्मी की मेडिकल टीम में 99 एक्सपर्ट आए हैं जो कि फील्ड हस्पिटल के लिए हैं. पहली बार एनडीआरएफ की महिला कर्मी भी आई हैं जो कि बाकी कर्मियों की तरह ही योगदान दे रही हैं. इन सब चीजों को यहां काफी एप्रिसिएट किया जा रहा है.
डॉ कौल ने बताया कि, भूकंप प्रभावित इलाके में भारतीयों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं है. जो दूतावास में हमने कॉल रिसीव किए हैं इसके हिसाब से करीब 125-130 लोगों की जानकारी हमारे पास है. हमारे पास किसी कैजुअल्टी की कोई सूचना नहीं है.
उन्होंने बताया कि यहां एनडीआरएफ का कैंप लगाया गया है और उनके काम के लिए यही एरिया निर्धारित किया गया है. उन्होंने बताया कि तुर्की सरकार की ओर से सर्च और रेस्क्यू में मदद के लिए रिक्वेस्ट आई हैं. मेडिकल मदद के लिए रिक्वेस्ट है. जो भी मदद चाही जा रही है उस पर हमारी अथारिटी पूरी तरह रिस्पॉन्स दे रही है.
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