श्रीलंकाई नौसेना ने कथित तौर पर मार्ग भटक कर उसके जल क्षेत्र में प्रवेश करने को लेकर तमिलनाडु के 37 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया और मछली पकड़ने की उनकी पांच नौकाओं को भी जब्त कर लिया. मत्स्य पालन विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. श्रीलंकाई नौसेना ने शनिवार रात मछुआरों को एक अभियान में पकड़ा था. इस महीने, श्रीलंकाई नौसेना ने राज्य की 10 नौकाओं को जब्त किया और 64 मछुआरों को पकड़ा है. मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) ने इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) से सभी मछुआरों, और उनकी मछली पकड़ने की नौकाओं को छुड़ाना सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया.
मुख्यमंत्री ने 28 अक्टूबर को 37 मछुआरों की गिरफ्तार किये जाने के घटनाक्रम की ओर विदेश मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, 'जैसा कि आप जानते हैं हमारे मछुआरे आजीविका के लिए मछली पकड़ने पर निर्भर हैं और इनकी लगातार गिरफ्तारियों से मछुआरा समुदाय को भारी परेशानी और कष्ट हो रहा है.'
स्टालिन ने रविवार को जयशंकर को लिखे पत्र में कहा कि श्रीलंकाई नौसेना के ऐसे कृत्यों ने राज्य में मछुआरा समुदायों पर दबाव डाला है और उनके मन में दहशत पैदा कर दी है. पत्र की एक प्रति यहां मीडिया को भी उपलब्ध कराई गई.
मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं बताना चाहता हूं कि तमिलनाडु के मछुआरों को लगता है कि उनकी आवाज कमजोर पड़ रही है. मुझे लगता है कि भारत सरकार को हमारे मछुआरों के अधिकारों के लिए मुखर होना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए बोलना चाहिए.''
मुख्यमंत्री ने पाक जलडमरुमध्य क्षेत्र में भारतीय मछुआरों के मछली पकड़ने के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करने की मांग भी दोहराई.
उन्होंने पत्र में कहा कि मछुआरों की गिरफ्तारी और नौकाओं की जब्ती को रोकने की लगातार मांग के बावजूद श्रीलंकाई नौसेना का भारतीय मछुआरों को पकड़ना जारी है. साथ ही, उन्होंने 'गिरफ्तारी को रोकने के लिए अविलंब ठोस राजनयिक पहल' करने की भी अपील की.
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