पूर्वोत्तर बिहार का सबसे बड़ा अस्पताल जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, जहां न केवल सीमांचल और कोशी क्षेत्र के मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं, बल्कि बड़ी संख्या में झारखंड के मरीज भी आते हैं. ताजातरीन मामले में अस्पताल के मेडिसीन विभाग में भर्ती किडनी के मरीज की जगह टीबी के मरीज की डायलिसिस करने की कोशिश हुई. किडनी पीड़ित उमेश यादव का बेड टीबी के मरीज दिनेश तांती के बगल में ही था. टीबी बीमारी से ग्रसित दिनेश तांती बार-बार कह रहा था कि वह मरीज नहीं है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने जबरदस्ती उनका डायलिसिस करने की कोशिश की. इतना ही नहीं अस्पताल प्रबंधन ने अपनी इस गलती को छिपाने की भी कई कोशिशें की, लेकिन परिजनों के नहीं मानने पर मामले का खुलासा हो गया.from Latest News OMG News18 हिंदी http://bit.ly/2G6hwzw
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